Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa Lyrics ढूंढ रहे हैं? आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa एक भावपूर्ण भजन है, जो भगवान के आगमन की खुशी को बड़े ही सरल और मधुर अंदाज़ में बयां करता है। इस भजन की गूंज सुनते ही मन अपने आप भक्ति के रंग में रंग जाता है। The Lyrics Path पर आपको इस गीत की पूरी जानकारी मिलेगी।
गीत की जानकारी (Song Details Table)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| गीत का नाम | Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa (मेरे सरकार आये है) |
| श्रेणी | भक्ति भजन / राम भजन |
| गायक | राज पारीक |
| संगीतकार | शशिकांत चौबे |
| गीतकार | पंकज अग्रवाल |
| रिलीज़ की तारीख़ | 13 मार्च 2018 |
| भाषा | हिंदी |
| अवसर/भाव | राम नवमी, दिवाली, भक्ति समारोह |
| कहाँ सुनें | JioSaavn, YouTube, Spotify |
Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa Lyrics की यह मधुर पंक्तियाँ हर भक्त के दिल को छू जाती हैं। इस भजन में भगवान के स्वागत की जो सादगी और प्रेम झलकता है, वह हर घर के माहौल को भक्तिमय बना देता है। यही वजह है कि Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa आज भी पूजा-पाठ और त्योहारों में उतनी ही श्रद्धा से गाया जाता है।
Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa Lyrics In Hindi
[Chorus]
सजा दो घर को गुलशन सा, ♪
मेरे सरकार आये है,
मेरे सरकार आये है,
लगे कुटिया भी दुल्हन सी,
लगे कुटिया भी दुल्हन सी, ♪
मेरे सरकार आये है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है।। ♪
[Verse 1]
पखारो इनके चरणो को, ♪
बहा कर प्रेम की गंगा,
बहा कर प्रेम की गंगा,
बिछा दो अपनी पलको को,
मेरे सरकार आये है, ♪
[Chorus]
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है।।
[Verse 2]
उमड़ आई मेरी आँखे, ♪
देख कर अपने बाबा को,
देख कर अपने बाबा को,
हुई रोशन मेरी गलियां, ♪
मेरे सरकार आये है,
[Chorus]
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है।।
[Verse 3]
तुम आकर फिर नहीं जाना, ♪
मेरी इस सुनी दुनिया से,
मेरी इस सुनी दुनिया से,
कहूँ हर दम यही सब से, ♪
मेरे सरकार आये है,
[Chorus]
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है।।
Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa Lyrics In English
[Chorus]
Saja do ghar ko gulshan sa,
Mere sarkaar aaye hain,
Mere sarkaar aaye hain,
Lage kutiya bhi dulhan si,
Lage kutiya bhi dulhan si,
Mere sarkaar aaye hain,
Saja do ghar ko gulshan sa,
Mere sarkaar aaye hain..
[Verse 1]
Pakharo inke charanon ko,
Baha kar prem ki Ganga,
Baha kar prem ki Ganga,
Bichha do apni palko ko,
Mere sarkaar aaye hain,
[Chorus]
Saja do ghar ko gulshan sa,
Mere sarkaar aaye hain..
[Verse 2]
Umad aayi meri aankhein,
Dekh kar apne Baba ko,
Dekh kar apne Baba ko,
Hui roshan meri galiyan,
Mere sarkaar aaye hain,
[Chorus]
Saja do ghar ko gulshan sa,
Mere sarkaar aaye hain..
[Verse 3]
Tum aakar phir nahi jaana,
Meri is suni duniya se,
Meri is suni duniya se,
Kahun har dam yahi sab se,
Mere sarkaar aaye hain,
[Chorus]
Saja do ghar ko gulshan sa,
Mere sarkaar aaye hain..
Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa सिर्फ एक भजन नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम का एक सुंदर संगम है। जैसे भगवान को भोग अर्पित करते समय मन श्रद्धा से भर जाता है, वैसे ही यह भजन सुनते ही हृदय भक्तिरस से सराबोर हो जाता है। Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa की यह पंक्तियाँ हर पूजा और त्योहार को और भी खास बना देती हैं।
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